
उत्तर प्रदेश की विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज (सोमवार) शुरू हुआ। इस सत्र का समाजवादी पार्टी के नेता सड़क पर और कांग्रेस के नेता विधान भवन प्रांगण में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
विधानसभा सत्र शुरू होने पहले परिसर पहुंचे सपा और कांग्रेस विधायकों ने महंगाई और कानून व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायकों ने हाथ में सिलेंडर का पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि बीजेपी सरकार अन्नदाताओं का अपमान बंद करे और गृह राज्य मंत्री को तुरंत बर्खास्त करे।अजय कुमार लल्लू ने कहा,”सरकार सिर्फ़ 2 महीने के लिए बची है और इनको उपाध्यक्ष का चुनाव कराना है। सरकार लखीमपुर में किसानों की निर्मम हत्या से क्यों भाग रही है?” उन्होंने कहा कि अत्याचार को शह देने वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ हमारी जंग जारी है।
•बर्बाद फसलों के मुआवजे पर चर्चा नहीं
•गन्ने के दाम पर, भुगतान पर चर्चा नहीं
•रोजगार पर चर्चा नहीं
•महंगाई पर चर्चा नहीं
•कानून-व्यवस्था पर चर्चा नहींभाजपा – सपा के लिए विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव महत्वपूर्ण है, उप्र के जमीनी मुद्दे नहीं।
हम किसान की लड़ाई लड़ते रहेंगे। pic.twitter.com/TJLIHO0uCx
— Ajay Kumar Lallu (@AjayLalluINC) October 18, 2021
विधानसभा उपाध्यक्ष के निर्वाचन का भी कांग्रेस ने बहिष्कार का फैसला किया है। सपा का कहना है कि इस विशेष सत्र का कोई औचित्य नहीं है। सदन के अंदर लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इसको सरकार ने चर्चा के बिंदु में शामिल नहीं किया है।
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि सत्ताधारी दल बीजेपी उपाध्यक्ष का चुनाव संसदीय परंपराओं को दरकिनार करके करा रही है। उपाध्यक्ष के चुनाव और विधानसभा का सत्र बुलाए जाने के बारे में विपक्ष से कोई मशविरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि सरकार लखीमपुर की घटना पर सदन में चर्चा कराती। विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस के विधायकों ने विधान भवन में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थल पर विरोध स्वरूप धरना दिया और लखीमपुर की घटना पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।