नई दिल्ली, 7 नवम्बर 2025 — भारतीय नृत्य, संगीत और नाट्यकला का प्रतिष्ठित केंद्र त्रिवेणी कला संगम इस सप्ताहांत एक अनूठी प्रस्तुति लेकर आ रहा है। शनिवार, 8 नवम्बर 2025 को त्रिवेणी एम्फीथिएटर में शाम 6:30 बजे से ‘विश्वामित्र’ नामक नृत्य-नाट्य का मंचन किया जाएगा, जिसमें छऊ नृत्य की लयात्मकता और मार्शल ग्रेस के साथ एक राजर्षि की आध्यात्मिक यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
राजा से ऋषि बनने की कथा
‘विश्वामित्र’ की कथा महर्षि विश्वामित्र के रूपांतरण की उस अद्भुत यात्रा का चित्रण है, जिसमें राजा विश्वरथ अपनी सांसारिक सत्ता से उठकर आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुँचते हैं।
नाटक की शुरुआत होती है विजयी राजा विश्वरथ से, जो अपने शत्रुओं को परास्त करने के बाद महर्षि वशिष्ठ से मिलते हैं। वशिष्ठ की दिव्य गाय नंदिनी अपनी अलौकिक शक्तियों से राजा की पूरी सेना के लिए भोजन उत्पन्न करती है। जब वशिष्ठ उस गाय को देने से मना कर देते हैं, तब दोनों के बीच संघर्ष होता है — एक ओर राजसत्ता की शक्ति और दूसरी ओर तप की दिव्यता। इस संघर्ष में विश्वरथ का अहं टूट जाता है, और वे आत्मबल की खोज में तपस्या के मार्ग पर अग्रसर होते हैं।
उनकी यह साधना कठिनाइयों से भरी है — वे त्रिशंकु को स्वर्ग भेजने का दुस्साहस करते हैं, जिससे देवलोक के नियम चुनौती में पड़ जाते हैं। आगे चलकर इंद्र उनके तप को भंग करने के लिए अप्सरा मेना का को भेजते हैं, परंतु प्रत्येक परीक्षा विश्वरथ को और गहराई से भीतर झाँकने को प्रेरित करती है। अंततः अनवरत तप और आत्मसंयम के बल पर वे ब्रह्मा की कृपा प्राप्त करते हैं और ब्रह्मर्षि विश्वामित्र के रूप में सम्मानित होते हैं।
नृत्य, संगीत और भावों का संगम
यह प्रस्तुति न केवल कथा का मंचन है, बल्कि भारतीय कला के विविध आयामों का उत्सव भी है। छऊ नृत्य की गतियों में जहाँ युद्ध और शक्ति का आभास है, वहीं संगीत और भावाभिव्यक्ति में आंतरिक साधना की गहराई महसूस की जा सकती है। यह प्रस्तुति मानव की उस सनातन यात्रा का प्रतीक है जिसमें अहंकार से विनम्रता और वासना से ज्ञान की ओर गति होती है।
कलात्मक टीम और आयोजन विवरण
‘विश्वामित्र’ का संकल्पना एवं कोरियोग्राफी प्रसिद्ध नृत्यगुरु गुरु सापन आचार्य ने की है, जबकि पटकथा कुलदीप वशिष्ठ द्वारा लिखी गई है। संगीत का संयोजन लाइव और रिकॉर्डेड दोनों रूपों में किया जाएगा, जिससे नृत्य की भावनात्मक शक्ति को और अधिक गहराई मिल सके।
प्रदर्शन विवरण:
- कार्यक्रम का नाम: विश्वामित्र — एक नृत्य-नाट्य प्रस्तुति
- दिनांक व दिन: 08 नवम्बर 2025, शनिवार
- समय: शाम 6:30 बजे से 7:45 बजे तक
- अवधि: 75 मिनट
- स्थान: त्रिवेणी एम्फीथिएटर, त्रिवेणी कला संगम, 205 तानसेन मार्ग, नई दिल्ली – 110001
- निकटतम मेट्रो स्टेशन: मंडी हाउस (ब्लू और वायलेट लाइन)
आध्यात्मिकता और कला का सुंदर संगम
‘विश्वामित्र’ केवल एक नृत्य-नाट्य नहीं, बल्कि आत्मपरिवर्तन और साधना की उस अनंत खोज का प्रतीक है, जिसने भारतीय संस्कृति को सदियों से आलोकित किया है। त्रिवेणी कला संगम की यह प्रस्तुति दर्शकों को न केवल सौंदर्यबोध से भर देगी, बल्कि उन्हें भीतर झाँकने की प्रेरणा भी देगी — ठीक वैसे ही जैसे राजा विश्वरथ ने अपने भीतर के सत्य की खोज की थी।















