आज के दिन यानी 12 जुलाई को दुनिया भर में “पेपर बैग डे” मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद करने के लिए प्लास्टिक के बजाय पेपर बैग का उपयोग करने के बारे में जागरूकता फैलाना है। पेपर बैग हानिकारक प्लास्टिक की थैलियों का एक पर्यावरण के अनुकूल विकल्प हैं।प्लास्टिक को नष्ट होने में यह हजारों साल लगते हैं और यह जीव-जन्तुओं के लिए भी हानिकारक है प्लास्टिक बैग से गंदगी बढ़ती है!इसी वजह से यह भूमि प्रदूषण का मुख्य कारण बन गया है प्लास्टिक बैगों के अंदर सिंथेटिक पालीमर नामक एक पदार्थ होता है, जोकि पर्यावरण के लिए काफी हानिकारक होता है और क्योंकि यह नान-बायोडिग्रेडबल होता है, इसी वजह से इसका निस्तारण भी काफी कठिन है।
प्लास्टिक बैग में रखें खाद प्रदार्थ दूषित हो जाते हैं और प्लास्टिक की बोतल में रखे गए पानी की गुणवत्ता कम हो जाती है। प्लास्टिक बैगों के हानिकारक प्रभावो से पर्यावरण को बचाने के लिये इनपर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है।और साथ ही साथ जरूरी है के हम सब इसमें अपना योगदान दें और पेपर बैग का ही इस्तेमाल करें क्यूँकि पेपर बैग 100 फीसदी री-साइकिल किए जा सकते हैं और सिर्फ एक महीने के भीतर विघटित हो सकते हैं।
पेपर बैग का उपयोग मानव जाति और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है।जबकि प्लास्टिक बैग हमारे पर्यावरण के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य लिए भी एक गंभीर समस्या बन चुका है और यही सही समय है जब हमें इसके उपयोग को रोकना होगा ,जिससे हम आने वाले समय में वातावरण को स्वच्छ बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते है।पेपर बैग की अहमियत को समझे तथा अपने पर्यावरण को दूषित होने से बचाए।आज बहुत ज़रूरत है के हम घर पे छोटे बच्चो को भी प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए जागरुक करें और युवा पीढ़ी को भी आगे आकर भारत को प्लास्टिक कचरे के मुक्त करवाने के लिए प्लास्टिक मुक्त भारत की मुहीम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए ।

आर जे नीरा बख्शी
एंकर/लेखक/निर्देशक















