बेंगलुरु (10 अगस्त 2025): प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु में कहा कि भारत “दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था” है और यह अब शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है ।
उन्होंने अपने “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” दृष्टिकोण को इस गति का श्रेय बताया ।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत 10वें स्थान से ऊपर उठकर अब पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है (।
अधोसंरचना और आर्थिक सफलताएँ:
- मेट्रो नेटवर्क अब 24 शहरों में 1,000 किलोमीटर से अधिक विस्तृत हो गया है, जिससे भारत दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी मेट्रो नेटवर्क वाला देश बना।
- रेल विद्युतीकरण 20,000 कि॰मी॰ (2014 में) से बढ़कर अब 40,000 कि॰मी॰ हो गया है; हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 160 से अधिक हो चुकी है; और जलमार्गों की संख्या 3 से बढ़कर 30 हो गई है
निर्यात और तकनीकी विकास:
- भारत का निर्यात USD 468 अर्ब (2014) से बढ़कर अब USD 824 अर्ब हो गया है; इलेक्ट्रॉनिक निर्यात USD 6 अर्ब से बढ़कर USD 38 अर्ब तक पहुंच गया है मोबाइल फोन भारत अब टीओप-5 निर्यातक देशों में शामिल है; ऑटोमोबाइल निर्यात दोगुना हो चुका है, जिससे भारत चौथा सबसे बड़ा ऑटो निर्यातक बन गया है
स्वावलंबन और भविष्य की तैयारी:
प्रधानमंत्री मोदी ने “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” पहल की उपलब्धियों पर जोर दिया, और कहा कि अब भारत का अगला बड़ा लक्ष्य तकनीकी आत्मनिर्भरता है
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य:
प्रधानमंत्री की बातें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के “भारत एक मृत अर्थव्यवस्था” (dead economy) टिप्पणी के कुछ दिनों बाद आईं, जिसका उन्होंने तर्कों के साथ जवाब दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मॉडल के तहत भारत की तेज आर्थिक प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने इसे प्रमुख अधोसंरचना सुधारों, निर्यात वृद्धि, और तकनीकी स्वावलंबन से जोड़ा, और कहा कि भारत अब शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की ओर तेजी से अग्रसर है।















