पाक पीएमओ द्वारा 26 अक्टूबर को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है, “प्रधानमंत्री ने 20 नवंबर 2021 से लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम की महानिदेशक इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।”अधिसूचना जारी किए जाने के बाद अब अंजुम के नाम पर मुहर लग गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा आईएसआई महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद 19 नवंबर, 2021 तक आईएसआई प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

सेना ने 6 अक्टूबर को पूर्व आईएसआई प्रमुख फैज हमीद को पेशावर कोर कमांडर नियुक्त करते हुए उनकी जगह अंजुम को नियुक्त किया था। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय अंजुम की नियुक्ति पर मुहर नहीं लगा रहा था, जिससे सरकार और सेना में तनाव के बारे में अफवाहें उड़ रही थीं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के नए आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति को लेकर पाकिस्तान सेना और इमरान सरकार के बीच कथित गतिरोध के लगभग तीन सप्ताह बाद यह नियुक्ति हुई है। सेना ने 6 अक्टूबर को घोषणा की थी कि पूर्व आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को पेशावर कोर कमांडर बनाया गया है, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम को उनकी जगह नियुक्त किया गया है। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने तब से लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम की नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की थी, जिससे सरकार-सैन्य संबंधों में तनाव के बारे में अफवाहें उड़ी थीं
लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम, जिन्हें सितंबर 1988 में सेवा में कमीशन किया गया था, इससे पहले कराची में कोर-वी के प्रमुख थे। इसके अलावा जनरल अंजुम ने कुर्रम एजेंसी में एक ब्रिगेड की कमान संभाली है, बलूचिस्तान में फ्रंटियर कॉर्प्स (उत्तर) का नेतृत्व किया है और वह दिसंबर 2020 में कोर कमांडर कराची बनने से पहले कमांड एंड स्टाफ कॉलेज क्वेटा के कमांडेंट भी रहे हैं।
12 अक्टूबर को कई दिनों की अटकलों के बाद, सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था कि आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति का अधिकार प्रधानमंत्री के पास है और इस उद्देश्य के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा था, “नए डीजी आईएसआई की नियुक्ति में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा, जिसके लिए दोनों (जनरल बाजवा और प्रधानमंत्री इमरान खान) सहमत हैं।”