दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। इस बीच दिल्ली की सीमा के नजदीक गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरना स्थल पर लगे बैरिकेडिंग को पुलिस ने हटाया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “सरकार की तरफ से आदेश है इसलिए हम बैरिकेडिंग हटाकर रास्ता खोल रहे हैं।”
दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर डीसीपी ईस्ट प्रियंका कश्यप ने कहा, “बैरिकेडिंग को हटा रहे हैं। एक घंटे के अंदर हम इसे हटा देंगे। हमें आदेश आए हैं इसलिए हम बैरिकेडिंग को हटा रहे हैं। अभी हम हाईवे पर लगे बैरिकेडिंग को हटा रहे हैं।”
देर रात टीकरी बॉर्डर पर बैरिकेड हटाने के बाद शुक्रवार की सुबह दिल्ली पुलिस गाजीपुर बॉर्डर पहुंची और जेसीबी की मदद से लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाना शुरू कर दिया। इसके अलावा पुलिस सड़कों पर लगाई नुकीली कीलों को भी हटा रही है। साथ ही, कंक्रीट की दीवारों को भी तोड़ने का काम चल रहा है ताकि सड़कों पर एक बार फिर वाहनों का आवागमन हो सके।
बैरिकेडिंग हटाने पर गाजीपुर बॉर्डर से बीकेयू के नेता राकेश टिकैत ने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा था कि किसान अपनी फसल कहीं पर भी बेच सकता है। रास्ते खुलेंगे तो हम भी अपनी फसल बेचने पार्लियामेंट में जाएंगे। पहले हमारे ट्रैक्टर दिल्ली जाएंगे। हमने रास्ते नहीं रोक रखे हैं। हम आगे की योजना बनाकर बताएंगे।”

बैरिकेडिंग हटाने पर गाजीपुर बॉर्डर से बीकेयू के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि किसान अपनी फसल कहीं पर भी बेच सकता है। रास्ते खुलेंगे तो हम भी अपनी फसल बेचने पार्लियामेंट में जाएंगे। पहले हमारे ट्रैक्टर दिल्ली जाएंगे।
PM had said that farmers can sell crops anywhere. If roads are open, we'll also go to Parliament to sell our crops. First, our tractors will go to Delhi. We haven't blocked the way. Blocking road is not part of our protest: Rakesh Tikait, BKU leader in Ghazipur pic.twitter.com/v9y0ER4uDK
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) October 29, 2021
फिलहाल दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन पिछले 11 महीनों से जारी है, हालांकि इन सड़कों के खुलने के बाद भी किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं प्रदर्शन के चलते किसानों पर टिप्पणी कर कहा था कि, केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध करने का अधिकार है, लेकिन वे अनिश्चितकाल के लिए सड़कों को अवरुद्ध नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद किसानों ने खुद ही गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की एक लेन खोलने की कवायद शुरू की थी।